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*पोलीस आयुक्त नागपुर के हाथो से हुवा अपराधिक प्रवृति में लिप्त विवादित पोलिस कर्मचारी का सत्कार* *अनेकों गंभीर गुन्हे दर्ज होने के बावजूद दिया गया सुपर कॉप ऑफ नागपुर प्रमाणपत्र*

*पोलीस आयुक्त नागपुर के हाथो से हुवा अपराधिक प्रवृति में लिप्त विवादित पोलिस कर्मचारी का सत्कार* *अनेकों गंभीर गुन्हे दर्ज होने के बावजूद दिया गया सुपर कॉप ऑफ नागपुर प्रमाणपत्र*

प्रेस वार्ता
नागपूर प्रतिनिधि

*पोलीस आयुक्त नागपुर के हाथो से हुवा अपराधिक प्रवृति में लिप्त विवादित पोलिस कर्मचारी का सत्कार*

*अनेकों गंभीर गुन्हे दर्ज होने के बावजूद दिया गया सुपर कॉप ऑफ नागपुर प्रमाणपत्र*

*हाल ही में नागपुर शहर के नवनियुक्त पोलिस आयुक्त श्री रविंद्र सिंगल द्वारा अपराधिक प्रवृति के पोलिस कर्मचारी आनंद पुरुषोत्तम वानखेडे ब. न. 1896 कार्यरत हिंगना पोलिस स्टेशन को सुपर कॉप ऑफ नागपुर प्रमाणपत्र देते हुवे बहादुरी के लिए सम्मानित कर सत्कार किया गया जिसके कारण इस बात को लेकर शहर के अन्य ईमानदार कर्मचारियों में बहुत रोष है एक और पोलिस आयुक्त ने जब शहर का पदभार संभाला तो सारे अपराधियों की सार्वजनिक परेड लेते हुवे उन्हे कहा की मैं शहर में अपराध को पनपने नहीं दुंगा वही दुसरी ओर वे एक समाचार पत्र सकाल द्वारा आयोजित समारोह में जाकर अवैध वसूली में माहिर अपराधिक प्रवृति में लिप्त विवादित पोलिस कर्मचारी को प्रमाणपत्र देते हुवे सम्मानित करते नजर आए जबकी उस कर्मचारी पर दफा 325, 504, 506 ब 294, जैसे गंभीर गुन्हे शहर के विविध पोलिस स्टेशनों में दर्ज है फिलहाल आनंद वानखेडे पर वाहन चोरों से साठगाठ करते हुवे पत्नी नूतन वानखेड़े के बैंक खाते में अवैध रूप से आरोपियों से 49000 रुपए दलवाने को लेकर फिलहाल विभागीय जांच शुरू जो की अब अंतिम चरण में है इसके अलावा सन 2022 में आनंद जब जरीपटका पोलिस स्टेशन में कार्यरत था तब इसने एक नाबालिक बालक के प्रकरण को रफादफा करने को लेकर उसके पिता से तीस हजार रुपए की अवैध वसुली किए जाने का जांच में खुलासा होने पर उसका अहवाल वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया था जिसमें स्पष्ट रूप से इस बात का उल्लेख जांच अधिकारी ने किया था की आनंद इस अवैध वसुली प्रकरण में मुख्य दोषी है बावजूद उसका सिर्फ मुख्यालय तबादला हुवा था जबकि नियमानुसार खंडनी का गुनाह दर्ज किया जाना था नागपुर में कई ऐसे पोलिस कर्मचारी भी है जिन्हे मात्र एक छोटी सी गलती किए जाने पर सालो से मुख्यालय में सड़ना पडा यहा तक की उनकी बदली आज तक पोलिस ठाणे में नही की इसके विपरीत अनेकों शर्मनाक कांडो को अंजाम देने वाले आनंद के खिलाफ कइयों प्रतिष्ठित वर्तमान पत्रों ने जैसे दैनिक भास्कर, लोकमत समाचार, राष्ट्रप्रकाक्ष देशोनत्ती इत्यादि ने पुख्ता सबुतो के आधार पर खबर प्रकाशित की थी ताकी इसने जितने भी बेगुनाह लोगो को प्रताडीत किया है उन्हे न्याय मिल सके और पोलिस विभाग इस कर्मचारी पर योग्य कार्यवाही कर सके मगर मामला पोलिस विभाग का होने से हर बार यह कर्मचारी बच निकलता था मगर इस बार इसे वाहन चोरों से साठगांठ प्रकरण मे कार्यवाही होने का डर निरंतर सता रहा है इसलिए इस बार इस मास्टरमाइंड आनंद ने कुछ ऐसा तरीका खोज निकाला की अधिकारी इस पर कोई कठोर कार्यवाही भी ना करे और इसके द्वारा किए गए गंभीर कांडो पर हमेशा हमेशा के लिए पर्दा पड़ जाए जिसमे इसने एक पत्रकार से नियोजित तरीके से सेटिंग करते हुवे पहले खुद की स्तुति वाली खबर लगवाकर पोलिस आयुक्त तक पहुंचाई बाद में नाटकीय रूप से एक कार्यक्रम आयोजित करवाया जिसमे वरिष्ठ नेतागण के अलावा पोलिस आयुक्त को भी आमंत्रित करवाया और खुद भी वहा सहपरिवार उपस्थित हुवा जिसमे पोलिस आयुक्त ने उसे प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जिसकी फोटो सोशल मीडिया पर आनंद ने वाहवाही लुटने के उद्देश से लोगो को टैग की है इस कार्यक्रम में एक बात तो बेहद सोचनीय है की यह जो सत्कार का कार्यकम समाचार पत्र द्वारा रखा गया वह खास आनंद के लिए ही रखा गया था इसमें कोई संदेह नहीं इसमें आनद के अलावा शहर के किसी भी जाबाज होनहार पोलिस कर्मचारी का सत्कार क्यू नही किया गया क्या सारे शहर में आनंद के अतिरिक्त अन्य कोई भी ऐसा ईमानदार पोलिस कर्मचारी है ही नहीं जिसका पोलिस आयुक्त के हाथो सत्कार हो सके जिसने आज तक अनेको उल्लेखनीय कार्य किए हो या उसे जानबुझकर बुलाया ही नही गया हो क्युकी यह कार्यक्रम तो सिर्फ और सिर्फ नियोजित तरीके से आनंद के लिए ही आयोजित किया गया था ताकी इसके आज तक के संपूर्ण कांड खास कर पत्नी के बैंक खाते में वाहन चोरो से अवैध तरीके से रकम जमा किए जाने का प्रकरण ठंडे बस्ते में चला जाए और अधिकारियो की नजर में यह गुनेहगार प्रवृति का कर्मचारी अब चोर की जगह मोर बन जाए फिर भी सारे पोलिस विभाग में यह चर्चा का विषय है की पोलिस आयुक्त की ऐसी क्या मजबुरी थी या किसी नेता का दबाव जो उन्हे ऐसे अपराधिक प्रवृति के कर्मचारी जिसके कारण पोलिस विभाग कइयों बार कलंकीत हुवा है फीर भी उसे प्रमाणपत्र देकर सम्मानित करना पडा यह ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो एक अपराधी ( हिस्ट्रीशीटर ) को उसके द्वारा किए गए सभी अपराधो के बदले दंडित करने के बजाय पुरुस्कृत कर इनाम दीया जाना है इसके बाद इस कर्मचारी का हौसला बुलंद होना स्वाभाविक है क्युकी अब यह जानता है की यह कितने भी बडे़ कांड कर ले इस पर कोई खास कार्यवाही नहीं होंगी कभी डिपार्टमेंट की और से उल्टा अधिकारियो से आखिरकार मिलेगा तो प्रमाणपत्र ही।*

वंदे भारत लाईव्ह टीव्ही न्यूज नागपुर
मुख्य सम्पादक
पोलिस मित्र महासंघ नागपूर शहर अध्यक्षपद देवाशिष टोकेकर

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